अनुगूँज : श्री का चिट्ठा
बस ऐसे ही - कुछ मन किया तो लिख दिया।
(यहां ले जाएं ...)
Home
▼
शनिवार, 7 जून 2025
›
आज मन के कोटरों में आज मन के कोटरों में फिर छुपा लो प्यार को तुम आज मन के कोटरों में फिर छुपा लो यार को तुम आज मन के कोटरों में कौन स...
बुधवार, 2 अक्टूबर 2024
कुछ मेरे मन की तू जाने
›
कुछ मेरे मन की तू जाने कुछ तेरे मन की मैं जानूँ कुछ मेरे आँसू तू पी ले कुछ तेरे गम मैं पहचानूँ मन को मन का, मन से जो मिला जीवन हर्षित कर ...
मंगलवार, 13 फ़रवरी 2024
किसी गिर रहे को उठाते-उठाते
›
किसी गिर रहे को उठाते-उठाते खुदी गिर गए हम बचाते- बचाते किसी भूख से बिलबिलाते हुए को किसी वक्त की मार खाते हुए को जमाने के हाथों सताते ह...
शनिवार, 30 दिसंबर 2023
तेइस बीता आया चौबीस: यह वर्ष मंगलमय हो
›
वर्ष नूतन , हर्ष नूतन , उग रहा है सूर्य नूतन ! साँस नूतन , आस नूतन , जीत का विश्वास नूतन ! पत्र नूतन , चित्र ...
सोमवार, 13 नवंबर 2023
गुजर गई उम्र अब
›
गुजर गई उम्र अब अकड़ कहाँ रही अब बाट रोटियों की ही नजर जोहती है अब कुदरती निजाम है हर किसी का नाम है आज तेरे साथ है हो रही जो बात ये कल...
रविवार, 12 नवंबर 2023
धूप में जलता हुआ तन
›
धूप में जलता हुआ तन प्यार में पागल हुआ मन कर रहा सौ-सौ जतन क्या भूल जाए वो सपन सपन वो जो संग दिखे थे गीत वो जो संग लिखे थे राह जिन पर संग चल...
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें